श्री जगन्नाथ जी की आरती (Jagannath Ji Ki Aarti)
Jagannath Ji Ki Aarti lyrics In hindi ॐ जय जगन्नाथ हरे, स्वामी! जय जगन्नाथ हरे।भक्तन के हितकारी, भक्तन के हितकारी, कष्ट सदा ही टरे॥ॐ जय जगन्नाथ हरे॥ रत्न सिंहासन सुंदर, धुर-धुर छवि छाई।सुर-मुनि जन की मोहन, सुर-मुनि जन की मोहन, सबकी सुध बिसराई॥ॐ जय जगन्नाथ हरे॥ ब्रह्मादिक शिव नारद, करत स्तुति भारी।भक्तन की पीड़ा हरने, … Read more